जयपुर

सड़क के साथी: बेघरों के लिए सहायता मार्गदर्शिका

देश:भारतजनसंख्या:3,046,163क्षेत्र:राजस्थाननिर्देशांक:26.9196, 75.7878

जयपुर, राजस्थान की राजधानी और "पिंक सिटी" के नाम से मशहूर शहर है, जहां किले, बाज़ार और भीड़भरी गलियां साथ-साथ चलती हैं, लेकिन इसी रौनक के पीछे बहुत सारे लोग हर रात सड़क पर गुज़ारते हैं। 2011 की जनगणना के अनुसार जयपुर शहर में करीब 8,600 लोग बेघर पाए गए थे, और स्थानीय संगठनों का कहना है कि आज यह संख्या इससे कहीं ज़्यादा है। शहर में औसत पारिवारिक वार्षिक आय करीब 2.8 लाख रुपये आंकी गई है, यानी बहुत से परिवार खुद मुश्किल से गुज़ारा करते हैं, इसलिए मदद माँगते वक्त धैर्य रखना ज़रूरी है। जयपुर नगर निगम द्वारा चलाए जा रहे रैन बसेरे रात में सिर छुपाने की जगह देते हैं, खासकर सर्दियों में जब ठंड जानलेवा हो सकती है। प्रयास जैसी संस्था बेघर और ज़रूरतमंद लोगों के साथ काम करती है, और अक्षय पात्र फाउंडेशन की रसोई से बनने वाला भोजन कई बार ज़रूरतमंदों तक भी पहुंचता है। रात गहराने पर जौहरी बाज़ार और सिंधी कैंप के आसपास इंसानों की चहल-पहल बनी रहती है, जो अकेलेपन में थोड़ी राहत दे सकती है। तुम अकेले नहीं हो — यह शहर सख्त ज़रूर है, पर यहां मदद करने वाले हाथ भी मौजूद हैं, बस उन्हें ढूंढते रहना।

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