मालेगांव, महाराष्ट्र के नासिक जिले में बसा एक घना, मेहनतकश शहर है, जो अपने पावरलूम उद्योग और कपड़ा बुनकरों की मेहनत के लिए जाना जाता है, यहाँ की गलियाँ भीड़भाड़ वाली हैं, बाज़ार जीवंत हैं और यहां के लोग सादगी से जीने के आदी हैं। यहाँ का औसत घरेलू आय स्तर बहुत ऊँचा नहीं है, ज़्यादातर बुनकर परिवार सालाना लगभग एक लाख रुपये के आसपास कमाते हैं, जो कई महीनों में मज़दूरी की अनिश्चितता के कारण और भी कम हो जाता है। मालेगांव के लिए बेघर आबादी का अलग सरकारी आँकड़ा उपलब्ध नहीं है, इसलिए नासिक जिले के 2011 जनगणना के अनुसार दर्ज लगभग 14,000 बेघर लोगों के आँकड़े को संदर्भ के तौर पर देखा जा सकता है, यानी अकेले तुम नहीं हो, यह संख्या इस इलाके की सच्चाई बताती है। मुश्किल वक्त में मालेगांव नगर परिषद की शहरी बेघर आश्रय योजना (Shelter for Urban Homeless) कुछ रात्रि आश्रय की सुविधा देती है, और अंजुमन कमेटी मालेगांव जैसी स्थानीय सामुदायिक संस्थाएं ज़रूरतमंदों को खाना और मदद पहुंचाने की कोशिश करती रही हैं। रोटरी क्लब मालेगांव भी समय-समय पर गरीब और बेसहारा लोगों के लिए राहत शिविर और सहायता कार्य चलाता है, जिनसे मदद मांगने में झिझकने की ज़रूरत नहीं। यह शहर सख्त ज़रूर लग सकता है, पर यहाँ के लोगों के दिल में मेहनत करने वालों और मुश्किल में पड़े लोगों के लिए जगह है। तुम अकेले नहीं हो, और आज की रात सुरक्षित तरीके से गुज़ार लेना ही सबसे बड़ी जीत है।
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तुम्ही काय नोंदवू शकता
जुनी माहिती
माहिती जी आता अद्ययावत नाही
गहाळ संसाधने
सेवा किंवा संसाधने जी सूचीबद्ध असावीत
चुकीची संपर्क माहिती
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बंद झालेले
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नवीन कार्यक्रम
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सुरक्षा टिपा
सुरक्षेची चिंता किंवा महत्त्वाचे इशारे
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