गिरिडीह

सड़क के साथी: बेघरों के लिए सहायता मार्गदर्शिका

देश:भारतजनसंख्या:114,533क्षेत्र:झारखंडनिर्देशांक:24.1862, 86.3088

गिरिडीह झारखंड के उन शहरों में से एक है जहाँ पुरानी अभ्रक खदानों की छाया अब भी बसी हुई है, छोटे बाज़ार, धीमी रफ्तार वाली गलियाँ और आसपास फैले जंगल इसे एक शांत मगर संघर्षशील पहचान देते हैं। झारखंड आर्थिक सर्वेक्षण 2022-23 के अनुसार गिरिडीह जैसे ग्रामीण-कस्बाई जिलों में औसत घरेलू वार्षिक आय लगभग 1,20,000 रुपये के आसपास रहती है, जो राज्य के शहरी केंद्रों से काफी कम है। बेघर आबादी का ताज़ा और भरोसेमंद आँकड़ा जनगणना 2011 से ही मिलता है, जिसमें गिरिडीह जिले में लगभग 2,300 लोग बेघर या आश्रयहीन दर्ज किए गए थे, और स्थानीय संगठनों का कहना है कि यह संख्या अब और बढ़ी है। यहाँ नव भारत जागृति केंद्र (NBJK) दशकों से गरीब और बेसहारा परिवारों के साथ काम कर रहा है, वहीं PRADAN जैसे संगठन आजीविका और राहत सहायता में मदद करते हैं, और CINI बच्चों व कमजोर परिवारों की सुरक्षा पर ध्यान देता है। रात गुज़ारने के लिए स्टेशन के आसपास या मंदिरों-मस्जिदों के परिसर अक्सर सुरक्षित ठिकाना बन जाते हैं, पर ठंड के मौसम में सतर्क रहना ज़रूरी है। अगर आप यहाँ किसी मुश्किल दौर से गुज़र रहे हैं, तो जान लीजिए—आपकी हालत आपकी कीमत तय नहीं करती, और यह शहर छोटा सही, पर यहाँ मदद करने वाले हाथ अब भी मौजूद हैं।

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