लखनऊ

सड़क के साथी: बेघरों के लिए सहायता मार्गदर्शिका

देश:भारतजनसंख्या:2,472,011क्षेत्र:उत्तर प्रदेशनिर्देशांक:26.8393, 80.9231

लखनऊ, नवाबों का शहर, अपनी तहज़ीब, बड़े इमामबाड़ों और गलियों की खुशबू के लिए जाना जाता है, मगर पुरानी इमारतों की चमक के पीछे यहां गरीबी और बेघरी की सच्चाई भी उतनी ही गहरी है। यहां एक औसत परिवार की मासिक आय करीब 20,000 रुपये के आसपास आंकी जाती है, जो शहर के बढ़ते खर्चों के सामने बहुत कम पड़ जाती है। 2011 की जनगणना के मुताबिक लखनऊ शहर में करीब 5,000 से ज़्यादा लोग बेघर दर्ज किए गए थे, और तब से यह संख्या घटी नहीं बल्कि बढ़ी ही मानी जाती है। ठंड की रातों में नगर निगम द्वारा चलाए जा रहे रैन बसेरों में शरण मिल सकती है, जो चारबाग, आलमबाग जैसे इलाकों में मौजूद हैं। एसोसिएशन फॉर सोशल एंड हेल्थ एडवांसमेंट यानी आशा जैसी संस्था बरसों से यहां की बस्तियों में स्वास्थ्य और सहारे का काम करती आई है, और सहारा ट्रस्ट भी ज़रूरतमंदों के लिए राहत के दरवाज़े खुले रखता है। खाना, दवा या रात की छत के लिए इन जगहों पर बेझिझक पूछिए, यहां के लोग मदद मांगने वालों को अजनबी नहीं समझते। तुम अकेले नहीं हो, यह शहर सख्त ज़रूर है मगर यहां कहीं न कहीं कोई हाथ बढ़ाने वाला मिल ही जाता है।

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