बरहामपुर, जिसे लोग ब्रह्मपुर भी कहते हैं, गंजाम जिले का यह शहर दक्षिण ओडिशा का व्यापारिक और सांस्कृतिक केंद्र है, जहाँ पुराने बाज़ार, मंदिरों की भीड़ और गोपालपुर के समुद्र तट की नज़दीकी मिलकर एक ऐसी रौनक बनाते हैं जो दिन में गर्म और रात में अपेक्षाकृत शांत हो जाती है। यहाँ औसत घरेलू आय राज्य के शहरी औसत के करीब, यानी लगभग 10,000 से 12,000 रुपये प्रति माह मानी जाती है, जो कई परिवारों के लिए पहले से ही एक तंग गुज़ारा है। बरहामपुर शहर का अलग से बेघर आंकड़ा सार्वजनिक रूप से नहीं गिना जाता, लेकिन 2011 की जनगणना में पूरे गंजाम जिले में करीब 1,700 लोग बेघर दर्ज हुए थे, और स्थानीय कार्यकर्ताओं का मानना है कि असल संख्या अब कहीं ज्यादा होगी। नगर निगम की देखरेख में दीनदयाल अंत्योदय योजना (DAY-NULM) के तहत चलने वाला शहरी बेघर आश्रय रात गुजारने के लिए एक ठिकाना देता है, और भारत सेवाश्रम संघ तथा मिशनरीज़ ऑफ चैरिटी जैसी संस्थाएँ खाना, कपड़ा और थोड़ी देखभाल के लिए भरोसे की जगह रही हैं। पुराना बस स्टैंड और स्टेशन रोड के आसपास का इलाका रात में लोगों से भरा और अपेक्षाकृत सुरक्षित रहता है, जो अकेले किसी सुनसान कोने में सोने से बेहतर है। यहाँ के लोग सीधी बात करने वाले हैं, ऊपर से सख्त लग सकते हैं पर मदद माँगने पर अक्सर पीछे नहीं हटते। अगर आज की रात भारी लग रही है तो याद रखना, यहाँ होना तुम्हारी कोई गलती नहीं है, और सुबह फिर से थोड़ी राहत ढूँढने की एक नई कोशिश लेकर आएगी।